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असंगठित कामगार प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना में अंशदान कर बनाएं सुरक्षित भविष्य-डीएम।

असंगठित कामगार प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना में अंशदान कर बनाएं सुरक्षित भविष्य-डीएम।
महोबा 24 सितम्बर 2019 -असंगठित क्षेत्र में नियोजित कामगारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान किये जाने हेतु सरकार द्वारा शुरू की गयी ‘‘प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना-2019’’ के वृृहत प्रचार-प्रसार हेतु सोमवार देर शाम जिलाधिकारी अवधेश कुमार तिवारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में ग्राम्य विकास विभाग एवं श्रम विभाग द्वारा जनपद स्तरीय जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया किया गया।
गोष्ठी में उन्होंने बताया कि असंगठित क्षेत्र के कामगार जैसे स्वास्थ्य विभाग की आशा बहुएं, बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकत्रीं एवं सहायिकायें, शिक्षा विभाग के रसोईया तथा विकास विभाग के मनरेगा के अन्तर्गत पंजीकृत रोजगार सेवक/कार्मिक निकटतम काॅमन सर्विस सेन्टर के माध्यम से आधार कार्ड और बचत खाते, जनधन खाते का उपयोग करके स्वप्रमाणित घोषणा पत्र देकर पीएम-एसवाईएम योजना के लिये नामांकित हो सकते हैं।उन्होनें बताया कि नामांकन हेतु इच्छुक व्यक्ति भारत जीवन बीमा निगम द्वारा जनपद महोबा में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में संचालित काॅमन सर्विस सेन्टरों/जन सुविधा केन्द्रों में सम्पर्क कर सकते हैं।इसके अलावा राज्य व केन्द्र सरकार के सभी श्रम कार्यालय, एलआईसी के सभी शाखा कार्यालय, पीएसआईसी, ईपीएफओ के कार्यालय जन सुविधा केन्द्र के रूप में कार्य कर रहे हैं, जहां पर असंगठित कामगारों को इस योजना की पूरी जानकारी दी जा रही है।यह योजना श्रम मंत्रालय द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम एवं काॅमन सर्विस सेन्टरों के माध्यम से संचालित की जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत असंगठित कामगारों का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।उन्होनें बताया कि इस योजना का लाभ 18 वर्ष से 40 वर्ष तक के ही असंगठित कामगारों को जिनकी मासिक आय 15 हजार या इससे कम है, मिल सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है, जिसके तहत लाभार्थी 18 से 40 वर्ष के आयु में कभी भी अंशदान कर योजना में शामिल हो जाता है, तो लाभार्थी को 60 वर्ष की आयु तक योगदान करना होगा। 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद लाभार्थी को न्यूनतम 03 हजार रूपये मासिक पेंशन अनिवार्य रूप से मिलेगी। यदि पेंशन धारक की मृत्यु हो जाती है, तो उसके पति/पत्नी को पेंशन का 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलेगा। पारिवारिक पेंशन केवल पति/पत्नी के लिये लागू है।डीएम ने कहा कि वृृद्धावस्था में सम्बल प्रदान करने हेतु यह एक महत्वाकांक्षी योजना है।इसमें अंशदान कर असंगठित कामगार जैसे धोबी, दर्जी, मोची, नाई, बुनकर, रिक्शा चालक, सब्जी विक्रेता, फुटपाथ व्यापारी, कुली, गैरेज कर्मकार, फेरी लगाने वाले,ऑटो चालक,सफाई कामगार, मछुआरा, गाड़ीवान, भड़भूँजे, मुर्गी-पालक, नट-नटनी, नाविक, चरवाहा, हड्ड बिंने, ठेका मजदूर, समाचार पत्र बांटने वाले हॉकर आदि अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं।
जागरूकता गोष्ठी में उपस्थित खण्ड विकास अधिकारियों, सहायक विकास अधिकारियों, ग्राम विकास अधिकारियों एवं मनरेगा के अन्तर्गत कार्य कर रहे कार्मिकों को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि इस योजना का शुभारम्भ 05 मार्च, 2019 से हुआ है।फिर भी अब तक जनपद के मात्र 2480 लोगों ने ही इस योजना के लिए पंजीकरण कराया है।पंजीकरण संख्या के अनुसार जनपद का प्रदेश में 75 वां स्थान है, जो सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों की लापरवाही तथा असंगठित कामगारों में इस योजना के प्रति जागरूकता की कमी को दर्शाता है।इस हेतु उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी एवं उपायुक्त श्रम रोजगार को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने विभागों में असंगठित कामगारों के तौर पर कार्यरत कार्मिकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण कराना सुनिश्चित करें।इसके अलावा उन्होनें जनपद के सभी असंगठित कामगारों से अपील करते हुए कहा कि शत-प्रतिशत कामगार पंजीकरण कराते हुए इस योजना का लाभ उठायें।
गोष्ठी में मुख्य विकास अधिकारी हीरा सिंह, परियोजना निदेशक डी0एन0पाण्डे एवं सूचनाधिकारी सतीश कुमार यादव सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

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