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साहब दिला दो हमारी पुश्तैनी जमीन वर्दी की आड़ में जबरदस्ती कर लिया कब्जा

साहब दिला दो हमारी पुश्तैनी जमीन वर्दी की आड़ में जबरदस्ती कर लिया कब्जा

वर्दीधारी ओंकार नाथ यादव के परिवार और रिश्तेदारों पर लगा जबरदस्ती कब्जा करने का आरोप .

लखनऊ / राजधानी के चिनहट थाना क्षेत्र अंतर्गत मटियारी बाबा हॉस्पिटल मोड चौराहे पर पिछले एक हफ़्ते से अवैध कब्जे की जानकारी स्थानीय लोग व पीड़ित के द्वारा दी जा रही है लेकिन सोचने वाली बात यह है कि आरोप जिन पर लग रहा है वे वर्दीधारी हैै और पीड़ित परिवार का आरोप यह भी है कि सपोर्ट स्थानीय पुलिस कर रही है. जिस वजह सेे उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही है.

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला कंचनपुर मटियारी स्थित बाबा मोड़ चौराहे पर स्थित शिवराज व परिवार के 10 अन्य लोगों के नाम पर पुश्तैनी जमीन है जिसका गाटा संख्या 104 व 105 है आपसी बंटवारे के बगैर परिवार के कुछ लोगों ने जमीन विनीता यादव पत्नी ओंकार नाथ यादव को 2019 में बेच दिया इस बात की जानकारी जब परिवार के लोगों को हुई तो तत्काल ही संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र के साथ मामला कोर्ट में पहुंच गया. लेकिन विनीता यादव का परिवार व रिश्तेदार मौके पर पहुंचकर अपना दावा ठोकते हुए शिवराज व उनके परिवार से कब्जा कुछ पुलिस के लोगों की मौजूदगी में जबरदस्ती हटाने लगे. शिवराज व उनके परिवार में पुश्तैनी जमीन की आपसी बटवारा नहीं होो पाई थी यह सब जानते हुए भी चिनहट थाने में एसएसआई के पद पर रह चुके ओंकार नाथ यादव नेे अपनी पत्नी के नाम पर परिवार के एक दो लोगों सेे रजिस्ट्री करवा लिया ताकि मैं वर्दी वाला हूं मैं कब्जा कभी भी ले लूंगा. जब मामला पिछले 4 तारीख सेेे तूल पकड़ा तो एसडीएम सदर ने संज्ञान भी लिया फिर भी विनीता यादव पत्नी पूर्व एसएसआई चिनहट ओंकार नाथ यादव व उनके रिश्तेदार कुछ दबंग व्यक्तियों के साथ मिलकर पीड़ित की पुश्तैनी जमीन पर निर्माण कार्य रजिस्ट्री का धौंस दिखाकर कर रहे हैं. पीड़ित शिवराज व उनके परिवार की महिलाओं की मानें तो मटियारी चौकी इंचार्ज थाना प्रभारी चिनहट एसडीएम सदर व तहसीलदार जानकारी नीचे से लेकर ऊपर तक के अधिकारियों को हैै फिर भी वर्दी का धौंस दिखाकर दीवानी के मामले को फौजदारी में बदल कर पूर्व एसएसआई ओंकार नाथ यादव और उनके रिश्तेदार किसी तरह हमारी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैंं.

पीड़ित के परिवार व महिलाओं ने वीडियो दिखाकर लगाया वर्दी धारियों व उनके रिश्तेदारों पर कब्जा के साथ अभद्रता का गंभीर आरोप

पुलिस पर एक तरफा अपने वर्दीधारी ओंकार नाथ यादव के सपोर्ट करने के साथ मौके पर खड़े होकर कब्जा दिलवाने का आरोप पीड़ित परिवार लगा रहा है. पीड़ित पक्ष ने हमारे संवाददाता को जो वीडियो दिखाया है जिसमें पीड़ित परिवार की महिलाओं के साथ मौके पर जबरदस्ती धक्का-मुक्की धमकाने की बात निकल कर आ रही है वहां मौजूद विनीता यादव के रिश्तेदार व कुछ लोगों के द्वारा महिलाओं के साथ सरेआम अभद्रता की गई जो कि काफी निंदनीय भी है. पुश्तैनी जमीन मालिक के परिवार में मौजूद महिलाओं ने एसडीएम साहब के आदेश का जिक्र भी किया और आवेदन दिखाया जिसमें तहसीलदार व थाना प्रभारी चिनहट को जांच उपरांत निस्तारण कर अवैध कब्जा ना होने देने के साथ विधिक कार्यवाही कर अवगत कराने की बात कहीं गई है. लेकिन मामले को तूल पकड़ा कर दीवानी मामले को फौजदारी में पुलिस के लोग बदलना चाहते हैं और इसी वजह से 15 से 20 अन्य लोगों के साथ मौके पर मौजूद होकर जबरदस्ती निर्माण करवाया जाता है ताकि मामला पर पुलिस का पूरा अधिकार हो जाए और तब तक निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाए.

पीड़ित के पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जे का खेल शुरु हुआ 4 जनवरी से

साझेदारों से बिन बंटवारे के जमीन पर एसडीएम का आदेश बताकर मटियारी चौकी के मार्फत वर्दीधारी पति ने पीड़ित के जमीन पर 4 जनवरी को किया कब्जा. मटियारी के स्थानीय लोगों ने सुबह उठते ही पीले पंजे का देखा था कहर. पुलिस बल के साथ मटियारी चौकी इंचार्ज अपने बाबा मोड़ चौराहे पर जेसीबी लेकर पहुंचे और पीड़ित शिवराज के साझेदारों के बिना बंटवारे वाले जमीन पर एसडीएम का आदेश बताकर बाबा हॉस्पिटल मोड़ पर स्थित गाटा संख्या 104, 105 पर स्थित जमीन पर दस बारह हरे पेड़ हटाने के साथ कब्जा दिलवाना शुरू कर दिया था. पुश्तैनी जमीन मालिक पीड़ित शिवराज बताते हैं कि इस जमीन पर पिछले 10 वर्षों से हमारे साझेदारों से बंटवारे के निपटारे का मामला और पिछले कुछ महीनों से केस चल रहा है. वहीं पीड़ित ने कहा था कि आपसी बंटवारे के बगैर आखिर हमारी जमीन पर पुलिस बल कब्जा कैसे दिलवा सकती है. शिवराज बताते हैं कि मुकदमा संख्या 2434/ 2019 मामला कोर्ट में पेंडिंग है

वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिवराज और उनके परिवार का लगभग 13000 स्क्वायर फुट जमीन नक्शे पर मौजूद है जबकि मौजूदा स्थिति में 8000 स्क्वायर फुट से ज्यादा जमीन वर्तमान समय में नहीं दिख रहा है इसमें से पुलिस बल 3200 स्क्वायर फुट कब्जा दिलाने के लिए मौजूद थी. जबकि जमीन के मालिक शिवराज पुत्र बिंद्रा और इनके परिवार के लोग जमीन को लेकर कुछ दिनों से मुकदमा कोर्ट में कर रखे हैं जिसका अभी तक निपटारा नहीं हुआ है. स्थानीय लोगों ने भी कहा कि शिवराज और परिवार के 10 लोगों की साझा जमीन है. जबकि इस जमीन को दुर्ग विजय देवकी रामकरण रामेश्वर आदि लोगों ने चिनहट थाने में पूर्व एसएसआई ओंकार नाथ यादव की पत्नी विनीता यादव को बेच दिया था. स्थानीय लोगों ने कहा कि जब परिवार का आपसी बटवारा नहीं हुआ तो जमीन बेचने का हक आखिर इन लोगों को दिया किसने ? सूत्र बताते हैं कि अभी बारिश के दिनों से पहले तक शिवराज और उनके परिवार की गाय भैंसे उसी जमीन पर पेड़ के नीचे बांधे जा रहे थे यह जमीन पीड़ित शिवराज के परिवार की पुश्तैनी जमीन है. अब देखना यह होगा कि शिवराज तथा उनके पीड़ित परिवार को न्याय राजस्व विभाग, व थाना चिनहट किस प्रकार दिलवाती हैं या यूं ही शिवराज और उनका परिवार अपनी पुश्तैनी जमीन के लिए धक्के खाते रहेंगे.

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